जब पेड़ चलते थे(Jab Ped Chalte The)
:जब पेड़ चलते थे: अंडमान निकोबार लोक-कथा;- बेशक वे बड़े सुनहरे दिन थे। Vijendra bhagt dangi उन दिनों आदमी जंगलों में भटकता फिरता था। आदमी की...
:जब पेड़ चलते थे: अंडमान निकोबार लोक-कथा;- बेशक वे बड़े सुनहरे दिन थे। Vijendra bhagt dangi उन दिनों आदमी जंगलों में भटकता फिरता था। आदमी की...
:राजा की मूर्खता: ओड़िआ/ओड़िशा की लोक-कथा;- एक बार की बात है, कौशल राज्य पर राजा महेन्द्र राज करता था। Vijendra bhagt dangi प्रजा उसका सम्मा...
:ठगराज: ओड़िआ/ओड़िशा की लोक-कथा;- जगन्नाथ पुरी में रथयात्रा की तैयारियां ज़ोर-शोर से चल रही थीं। पूरे Vijendra bhagt dangi देश से भक्तजन इस ...
:परनिंदा का पाप: ओड़िआ/ओड़िशा की लोक-कथा;- एक राजा के दरबार में ब्राह्मण भोज का आयोजन किया गया । Vijendra bhagt dangi छप्पनभोग महल के खुले आ...
:निन्यानवे का चक्कर: असमिया लोक-कथा;- प्राचीनकाल की बात है । असम के ग्रामीण इलाके में तीरथ नाम का कुम्हार Vijendra bhagt dangi रहता था । वह ...
:बीरा बैण (बहन): उत्तराखंड की लोक-कथा;- बहुत पुरानी बात है। उत्तराखंड के जंगल में एक विधवा बुढ़िया रहती थी। Vijendra bhagt dangi उसके सात बेट...
:फूलों की घाटी: उत्तराखंड की लोक-कथा;- बहुत पुरानी बात है। हिमालय पर्वत की घाटी में एक ऋषि रहते थे।वे गोरे- Vijendra bhagt dangi चिट्टेथे, उ...
:चम्पा और बाँस: छत्तीसगढ़ की लोक-कथा;- बहुत दिनों पहले एक राजा रहता था। उनकी दो रानियाँ थीं। दोनों रानियाँ Vijendra bhagt dangi नि:सन्तान थी।...
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